आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। केजरीवाल ने मांग की है कि सरकार इस मामले से जुड़ी सभी वैज्ञानिक स्टडीज और टेस्ट रिपोर्ट्स को जनता के सामने रखे। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल E20 से ज्यादा इथेनॉल मिलाने का कोई फैसला नहीं लिया गया है।

बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय के एक सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब देते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कहना कि ‘अभी कोई फैसला नहीं हुआ है’ भविष्य की किसी बड़ी तैयारी की ओर इशारा करता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार शायद जनता के विरोध के शांत होने का इंतजार कर रही है ताकि बाद में इथेनॉल ब्लेंडिंग को और बढ़ाया जा सके। उन्होंने E20 के लागू होने के तरीके पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसे बिना किसी पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन या आम सहमति के लागू किया गया था।

केजरीवाल ने आगे कहा कि सरकार एक्सपर्ट्स और इंजीनियर्स की राय को नजरअंदाज कर रही है और जो भी इसके खिलाफ आवाज उठाता है, उसे दबाने की कोशिश की जाती है। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि E20 को लागू करने से पहले जो भी टेस्टिंग की गई थी, उसकी रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता को यह जानने का पूरा हक है कि पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट का उनकी गाड़ियों और इंजन पर क्या असर पड़ रहा है।

फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस बयानबाजी ने ऑटोमोबाइल जगत में इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आम कार और बाइक मालिकों के मन में भी यह सवाल है कि क्या भविष्य में पेट्रोल की गुणवत्ता और फ्यूल सिस्टम पर इसका कोई बुरा असर पड़ सकता है।

Index Details
Current Blending Status E20 (20% Ethanol)
Main Concern Scientific Studies Transparency
Key Demand Public disclosure of testing reports

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6 years Auto news expert. Lakhan belongs from Patna and write news, views, reviews and interviews for Automobile updates.

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