भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना साल 2015 के एक पुराने मामले को लेकर लगाया गया है, जो विदेशी निवेश से जुड़े नियमों के पालन से जुड़ा था। कंपनी ने 21 अगस्त 2026 को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम यानी FEMA के नियमों के उल्लंघन से संबंधित था।
टाटा मोटर्स के कंपनी सचिव मलय कुमार गुप्ता की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने खुद ही इस मामले में RBI के पास जाकर नियमों के उल्लंघन को स्वीकार किया था और इसे सुलझाने की प्रक्रिया शुरू की थी। असल में, साल 2015 में एक विदेशी निवेश ढांचा बनाया गया था, जिसमें एक विदेशी इकाई के जरिए स्टेप-डाउन सब्सिडियरी में हिस्सेदारी ली गई थी। इसके लिए RBI से पहले से मंजूरी नहीं ली गई थी, जो FEMA के नियमों के खिलाफ था।
कंपनी ने यह भी साफ किया है कि जिस निवेश ढांचे को लेकर यह विवाद था, उसे मार्च 2022 में ही बंद कर दिया गया था। यानी अब कंपनी में ऐसा कोई निवेश ढांचा मौजूद नहीं है जो नियमों के दायरे में आता हो। टाटा मोटर्स का कहना है कि इस जुर्माने का कंपनी के कामकाज या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
RBI की ‘कंपाउंडिंग’ प्रक्रिया के जरिए कंपनियों को यह मौका मिलता है कि वे खुद अपनी गलती मानकर जुर्माना भरें और कानूनी विवादों से बचें। टाटा मोटर्स ने इसी रास्ते को चुनकर साल 2015 की इस पुरानी फाइल को अब पूरी तरह बंद कर दिया है। फिलहाल कंपनी के कामकाज पर इसका कोई बुरा असर नहीं है और सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा है।
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| नियामक संस्था | भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) |
| जुर्माना राशि | ₹2,00,000 |
| जुर्माने का कारण | FEMA नियमों का उल्लंघन |
| मामले का वर्ष | 2015 |
| आदेश की तारीख | 20 अगस्त 2026 |




