अब AI तय करेगा आपकी अगली कार! 93% लोग कर रहे हैं ये कमाल का इस्तेमाल

भारत में कार खरीदने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब लोग शोरूम जाने से पहले अपने स्मार्टफोन से ही कार की पूरी कुंडली निकाल रहे हैं। Google और Kantar की एक ताज़ा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब भारतीय ग्राहकों के कार रिसर्च करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव ला रहा है।
सिर्फ सर्च नहीं, अब AI से होती है 'बार्गेनिंग' की तैयारी
पहले लोग कार के फीचर्स जानने के लिए मैगजीन या ब्रोशर देखते थे, लेकिन अब खेल बदल चुका है। रिपोर्ट के अनुसार, 93 प्रतिशत कार खरीदारों ने अपनी रिसर्च के दौरान AI टूल्स का इस्तेमाल किया है। ग्राहक अब केवल यह नहीं पूछते कि "सबसे अच्छी कार कौन सी है?", बल्कि वे बहुत ही सटीक सवाल पूछ रहे हैं।
AI के जरिए ग्राहक निम्नलिखित काम आसानी से कर रहे हैं:
- मॉडल तुलना: दो या दो से अधिक कारों के बीच बारीकी से अंतर समझना।
- फीचर प्राथमिकता: अपने बजट और जरूरत के हिसाब से फीचर्स को चुनना।
- फाइनेंस कैलकुलेशन: अपनी जेब के हिसाब से EMI का तुरंत अंदाजा लगाना।
- नेगोशिएशन की तैयारी: शोरूम में जाकर सेल्समैन से मोलभाव करने के लिए ठोस जानकारी जुटाना।
रिसर्च का बढ़ता दायरा: 7.8 सोर्स से ले रहे हैं जानकारी
दिलचस्प बात यह है कि AI पुराने तरीकों को खत्म नहीं कर रहा, बल्कि उन्हें और मजबूत बना रहा है। जहाँ सामान्य खरीदार औसतन 6.9 जानकारी के स्रोतों का उपयोग करते हैं, वहीं AI का इस्तेमाल करने वाले खरीदार 7.8 स्रोतों से जानकारी जुटा रहे हैं।
रिपोर्ट बताती है कि जो लोग AI चैटबॉट्स का उपयोग करते हैं, उनमें से 80 प्रतिशत लोग अपनी रिसर्च के लिए Google Search और YouTube का सहारा लेते हैं। यानी वीडियो और सर्च का कॉम्बिनेशन अब कार खरीदने का सबसे बड़ा हथियार बन गया है।
कार कंपनियों के लिए बड़ी चेतावनी: अब सिर्फ स्पेसिफिकेशन काफी नहीं
Google India के डायरेक्टर सिद्धार्थ शेखर के मुताबिक, भारत में कार खरीदने का सफर अब काफी डिजिटल और गहरा हो गया है। खासकर त्योहारी सीजन के दौरान लोग YouTube पर कार देखते हैं और फिर Search पर उसकी पुष्टि करते हैं।
रिपोर्ट में ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपनी मार्केटिंग रणनीति बदलने की सलाह दी गई है। अब ग्राहकों को सिर्फ इंजन की पावर या टॉप स्पीड बताने से काम नहीं चलेगा। उन्हें ऐसी जानकारी चाहिए जो उनके रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी हो, जैसे:
- क्या कार के अंदर चाइल्ड सीट आसानी से फिट हो जाएगी?
- घर पर EV चार्जर कैसे इंस्टॉल होगा?
- ट्रैफिक के बीच 360-डिग्री कैमरा और ADAS सिस्टम कैसे काम करते हैं?
AI मार्केटिंग का जादू: सेल्स में भारी उछाल
कंपनियाँ जो AI और डिजिटल विज्ञापनों का सही तालमेल बिठा रही हैं, उन्हें जबरदस्त फायदा हो रहा है। रिपोर्ट में Hyundai Verna के एक कैंपेन का उदाहरण दिया गया है, जिसने YouTube और AI-पावर्ड विज्ञापनों का इस्तेमाल किया। इसका परिणाम यह रहा कि:
- रिटेल सेल्स में 30% की बढ़ोतरी देखी गई।
- लीड्स (Leads) में 35% का इजाफा हुआ।
- पूछताछ की लागत (Cost per enquiry) में 32% की कमी आई।
यह स्टडी मई 2026 में भारत के मेट्रो और टियर-1 शहरों के 1,022 कार खरीदारों के सर्वे पर आधारित है, जो यह साफ करती है कि भविष्य में कार खरीदने का फैसला आपकी पसंद से ज्यादा आपकी 'स्मार्ट रिसर्च' पर निर्भर करेगा।