Auto PLI Scheme Ne India Mein 45477 Crore Ka Investment Aur 67000 Naukriyan Di

भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर को मजबूती देने के लिए सरकार की पीएलआई (PLI) स्कीम का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने हाल ही में जानकारी दी है कि 30 जून 2026 तक ऑटोमोबाइल पीएलआई कार्यक्रम के तहत कंपनियों ने 45,477 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा, इस सेक्टर में 67,000 से ज्यादा नई नौकरियां भी पैदा हुई हैं। यह डेटा नई दिल्ली में ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 66वें वार्षिक सत्र के दौरान साझा किया गया।
निवेश का असली मतलब क्या हैबहुत से लोग सोच रहे होंगे कि क्या इससे गाड़ियां सस्ती हो जाएंगी, तो आपको बता दें कि यह कोई सीधे तौर पर रिटेल सब्सिडी या गाड़ियों की कीमत कम करने वाली योजना नहीं है। यह एक औद्योगिक नीति है जिसका मकसद देश में ही मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इस प्रोग्राम के तहत इलेक्ट्रिक वाहन, बस, बैटरी बनाने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और रेयर-अर्थ मैग्नेट जैसी तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है ताकि भारत में ही हाई-टेक पुर्जे बन सकें।
नौकरियों और भविष्य की योजनाएंसरकार के अनुसार, इस योजना से 67,000 से ज्यादा रोजगार मिले हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें कितनी नौकरियां स्थायी हैं और कितनी कॉन्ट्रैक्ट आधारित। सरकार का मुख्य फोकस अब बेसिक असेंबली से हटकर हाई-वैल्यू डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग पर है। मंत्री कुमारस्वामी का कहना है कि भविष्य में सफलता का पैमाना यह होगा कि हम कितना घरेलू सामान इस्तेमाल कर रहे हैं और छोटे व मध्यम उद्योगों की इसमें क्या भागीदारी है।
ई-व्हीकल और पीएम ई-ड्राइव अपडेटमैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव के साथ ही सरकार पीएम ई-ड्राइव योजना के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को भी बढ़ा रही है। इसके लिए बजट को 1,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 11,900 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
| विवरण (Description) | आंकड़े (Data) |
|---|---|
| कुल PLI निवेश | 45,477 करोड़ रुपये |
| कुल रोजगार | 67,000+ |
| PM E-DRIVE कुल बजट | 11,900 करोड़ रुपये |
| इलेक्ट्रिक बस आवंटन | 14,028 बसें |
अगर आप इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की सोच रहे हैं, तो ध्यान रखें कि हर मॉडल पर सब्सिडी नहीं मिलती। सब्सिडी मॉडल, कीमत और सरकारी नियमों पर निर्भर करती है। बुकिंग से पहले हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर मॉडल की एलिजिबिलिटी चेक करें और डीलर से लिखित में एक्स-शोरूम कीमत का विवरण जरूर मांगें। इसके अलावा, सरकार ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए 3,435 करोड़ रुपये का पेमेंट-सिक्योरिटी मैकेनिज्म भी बनाया है ताकि बस ऑपरेटरों को समय पर भुगतान मिल सके।