अक्टूबर में ऑटो सेक्टर की रफ्तार बढ़ेगी: कमर्शियल व्हीकल में भारी उछाल की उम्मीद
नुवामा की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में कमर्शियल व्हीकल में डबल-डिजिट ग्रोथ और यात्री वाहनों की बिक्री बढ़ने की संभावना है।

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अक्टूबर का महीना खुशियां लेकर आने वाला है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज (Nuvama Institutional Equities) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, शहरी इलाकों में बढ़ती मांग और आसान फाइनेंसिंग विकल्पों के चलते इस महीने ऑटो सेक्टर की ग्रोथ बरकरार रहने की पूरी संभावना है।
कमर्शियल व्हीकल का दबदबा और शानदार ग्रोथ
रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने सबसे ज्यादा चमक कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में देखने को मिल सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि कमर्शियल वाहनों की बिक्री में डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की जाएगी।
- घरेलू बिक्री: कमर्शियल वाहनों की घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 20% की बढ़त आ सकती है।
- ई-वे बिल और फ्रेट रेट: ई-वे बिल और माल ढुलाई दरों (freight rates) में सकारात्मक रुझान इस बढ़त का मुख्य कारण है।
- बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन: प्रमुख कंपनियों के कुल वॉल्यूम में सालाना आधार पर 28% तक की वृद्धि होने का अनुमान है।
पैसेंजर व्हीकल और टू-व्हीलर: मध्यम बढ़त के आसार
जहाँ कमर्शियल वाहनों में बड़ी उछाल दिख रही है, वहीं यात्री वाहनों (PV) और टू-व्हीलर (2W) सेगमेंट में मध्यम स्तर की ग्रोथ रहने की उम्मीद है।
पैसेंजर व्हीकल (PV)
घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री में लगभग 8% की सालाना वृद्धि होने का अनुमान है। इसके पीछे मुख्य कारण बेहतर सामर्थ्य (affordability), नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और आसान लोन की उपलब्धता है। साथ ही, त्योहारी सीजन के चलते कंपनियों द्वारा दिए जा रहे डिस्काउंट्स भी ग्राहकों को लुभा रहे हैं।
टू-व्हीलर (2W)
दोपहिया वाहनों के सेगमेंट में भी लगभग 7% की सालाना बढ़त देखी जा सकती है। शहरी क्षेत्रों में मजबूत मांग और फाइनेंसिंग की सुविधा इस सेगमेंट को सहारा देगी।
ट्रैक्टर सेगमेंट के लिए चुनौतियां
एक तरफ जहाँ अन्य सेगमेंट चमक रहे हैं, वहीं ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए यह समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रैक्टरों की बिक्री में लगभग 4% की गिरावट आ सकती है।
ट्रैक्टर मांग में कमी के पीछे पिछले साल का ऊंचा बेस और बढ़ती ईंधन कीमतें मुख्य कारण हो सकते हैं, जिससे किसानों की लागत बढ़ रही है।
निर्यात (Exports) का हाल
निर्यात के मोर्चे पर भी अच्छी खबर है। अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया में बढ़ती मांग के कारण मास-मार्केट ऑटोमोबाइल कंपनियां सकारात्मक ग्रोथ बनाए रखने में सफल रहेंगी।