ऑटो शेयरों में गिरावट! क्या अब खरीदारी का सही समय है? जानें पूरी डिटेल

Lakhan Sharma12 October 20262 min read0 viewsnews
ऑटो शेयरों में गिरावट! क्या अब खरीदारी का सही समय है? जानें पूरी डिटेल

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में हाल ही में शेयरों की कीमतों में जो गिरावट (correction) देखी गई है, वह निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आई है। Equirus Securities की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो कंपनियों के शेयरों में आई इस कमी के बीच अब चुनिंदा कंपनियों में निवेश करने का सही समय हो सकता है। हालांकि बाजार में कुछ चुनौतियां भी हैं, लेकिन त्योहारी सीजन में वाहनों की बढ़ती मांग ने निवेशकों के बीच उत्साह जगा दिया है।

त्योहारी सीजन में वाहनों की जबरदस्त डिमांड

रिपोर्ट बताती है कि त्योहारी सीजन के दौरान वाहनों की बिक्री में शानदार बढ़त देखी गई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:

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  • टू-व्हीलर सेगमेंट: टू-व्हीलर की रजिस्ट्रेशन में पिछले साल के मुकाबले 45% की भारी बढ़त देखी गई, जो लगभग 22.3 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई।
  • पैसेंजर व्हीकल (PV): यात्री कारों की मांग में 54% का उछाल आया और इनकी रजिस्ट्रेशन संख्या लगभग 5.23 लाख यूनिट्स दर्ज की गई।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बढ़त पिछले साल के कम बेस के कारण भी अधिक दिख रही है, लेकिन लंबी अवधि का ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 13% पर स्थिर बना हुआ है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का बढ़ता क्रेज

भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक सेगमेंट में ग्राहकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है:

  1. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: इनकी रिटेल बिक्री में सालाना आधार पर 93% की जबरदस्त वृद्धि हुई है।
  2. इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल: कारों की इलेक्ट्रिक बिक्री में भी 91% का उछाल देखा गया।

वर्तमान में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बाजार में पैठ 11.5% और इलेक्ट्रिक कारों की पैठ 8.6% तक पहुंच गई है, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

कौन से शेयर हैं सस्ते और कौन से महंगे?

निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि अलग-अलग कंपनियों के शेयरों का मूल्यांकन (Valuation) कैसा है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में पैसेंजर व्हीकल के शेयरों में 19% से 30% तक की गिरावट आई है।

कंपनियों का तुलनात्मक मूल्यांकन:

  • Mahindra & Mahindra: यह कंपनी अन्य बड़ी कंपनियों के मुकाबले काफी आकर्षक दिख रही है, जो अपने अनुमानित कमाई के 18.2 गुना पर ट्रेड कर रही है।
  • Maruti Suzuki: मारुति के शेयर 19.3 गुना के मूल्यांकन पर हैं।
  • Hyundai: हुंडई का मूल्यांकन 21.7 गुना के स्तर पर है।

निवेशक रहें सावधान: ये हैं मुख्य जोखिम

जहां एक तरफ मांग मजबूत है, वहीं Equirus ने कुछ जोखिमों के प्रति भी आगाह किया है। विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयरों की लगातार बिकवाली (outflows) ऑटो कंपनियों के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकती है। इसके अलावा, कच्चे माल की बढ़ती लागत और दूसरी छमाही में विकास की गति को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं।

निष्कर्ष: यदि आप ऑटो सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, तो केवल उन कंपनियों पर ध्यान दें जिनके फंडामेंटल्स मजबूत हैं और जो इलेक्ट्रिक ट्रांजिशन में आगे हैं।

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