चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे: दिल्ली से सफर होगा सिर्फ 6 घंटे में, UP सरकार ने बढ़ाई रफ्तार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने चित्रकूट और दिल्ली के बीच की दूरी को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। Chitrakoot Link Expressway के निर्माण कार्य में अब तेजी लाई जा रही है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का उद्देश्य यात्रियों के सफर के समय को काफी हद तक कम करना है।
सफर होगा आसान: दिल्ली से कनेक्टिविटी का नया रूट
इस नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद, चित्रकूट धाम से दिल्ली तक का सफर अब बेहद सुगम हो जाएगा। यात्रियों को चित्रकूट से सीधे Bundelkhand Expressway पर चढ़ने का मौका मिलेगा। इसके बाद, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए सफर आगे बढ़ेगा और अंत में यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली-NCR तक पहुंचा जा सकेगा।
प्रोजेक्ट की खास बातें और तकनीकी विवरण
इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- एक्सप्रेसवे का प्रकार: यह एक 6-लेन वाला ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है।
- अधिकतम गति: इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 km/h की रफ्तार से दौड़ सकेंगे।
- कुल लंबाई: यह प्रोजेक्ट लगभग 15.175 किलोमीटर लंबा होगा।
- मॉडल: इसे EPC (Engineering, Procurement, and Construction) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।
- समय सीमा: सरकार ने 30 अक्टूबर तक सभी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
टोल टैक्स और जमीन अधिग्रहण की स्थिति
परियोजना के लिए 166.55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक टोल दरों की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि हल्के वाहनों के लिए टोल शुल्क ₹1.25 से ₹2.5 प्रति किलोमीटर के बीच हो सकता है।
इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि बुंदेलखंड क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक विकास को भी एक नई उड़ान मिलेगी।