ड्राइविंग लाइसेंस के नए नियम: अब जानकारी अपडेट करना होगा मुफ्त, पासिंग स्कोर में भी बड़ा बदलाव!
MORTH ने ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। अब जानकारी अपडेट करना होगा मुफ्त और पासिंग स्कोर भी बढ़ेगा। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

क्या आप भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसे अपडेट करवाने के चक्कर में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हैं? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) जल्द ही इस पूरी प्रक्रिया को बदलने की तैयारी में है। मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बड़े सुधारों का एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसका उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और सड़क सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाना है।
अब जानकारी अपडेट करना होगा बिल्कुल मुफ्त
नए प्रस्तावित नियमों के तहत, लाइसेंस में व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी अपडेट करने के लिए अब आपको कोई शुल्क नहीं देना होगा। इतना ही नहीं, पहचान के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण (Aadhaar-based authentication) की सुविधा भी मुफ्त में दी जाएगी। इससे न केवल आपका पैसा बचेगा, बल्कि समय की भी भारी बचत होगी।
समय सीमा तय: देरी होने पर मिलेगा ऑटोमैटिक अप्रूवल
सरकारी काम में देरी को खत्म करने के लिए मंत्रालय ने सख्त समय सीमा का प्रस्ताव रखा है। यदि आप अपने लाइसेंस में कोई बदलाव चाहते हैं, तो अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर निर्णय लेना होगा। वहीं, पते में बदलाव के मामले में यदि 30 दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो उसे अपने आप स्वीकृत (Automatically Approved) मान लिया जाएगा।
सड़क सुरक्षा पर जोर: पासिंग स्कोर हुआ बढ़
सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने नियमों को कड़ा कर दिया है। अब अनिवार्य 'सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल' में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा:
- ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट होनी चाहिए।
- इसे पूरा करने के लिए आवेदकों को अब 7 के बजाय 15 दिनों का समय मिलेगा।
लाइसेंस का नया लुक और जरूरी दस्तावेज
आने वाले समय में आपके ड्राइविंग लाइसेंस का स्वरूप भी बदल सकता है। नए फॉर्मेट में आपका ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट डिटेल्स शामिल किए जा सकते हैं। साथ ही, भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के बीच अंतर करने के लिए अलग-अलग कलर-कोडिंग और विजुअल फॉर्मेट का उपयोग किया जा सकता है।
दस्तावेजों में क्या होगा बदलाव?
दस्तावेजों के सत्यापन को आसान बनाने के लिए मंत्रालय अब शपथ पत्र (Affidavits) के बजाय सीधे आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड या पिछले तीन महीने पुराने बिजली और गैस बिल जैसे दस्तावेजों पर अधिक भरोसा करेगा।
ध्यान दें: ये सभी बदलाव अभी केवल प्रस्ताव के चरण में हैं। सरकार जनता से सुझाव और आपत्तियां मांग रही है। इन सुझावों की समीक्षा करने के बाद ही इन्हें आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।
यदि आप इस संबंध में अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो मंत्रालय द्वारा दिए गए ईमेल ([email protected]) पर संपर्क कर सकते हैं।