Gujarat mein khula Gestamp ka dhansu plant 523 crore mein banengi majboot gaadiyan

Lakhan Sharma9 September 20262 min read1 viewnews
Gujarat mein khula Gestamp ka dhansu plant 523 crore mein banengi majboot gaadiyan

स्पेन की मशहूर ऑटोमोटिव कंपनी गेस्टैम्प (Gestamp) ने गुजरात के भागपुरा में अपना पांचवां भारतीय मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू कर दिया है। 8 सितंबर 2026 को उद्घाटन किए गए इस प्लांट पर कंपनी ने करीब 523.7 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है। 31,790 वर्ग मीटर में फैले इस प्लांट में अभी 240 लोगों को रोजगार मिला है, जो आने वाले समय में और बढ़ सकता है।

क्या खास है इस नई फैक्ट्री में

इस प्लांट में हॉट स्टैम्पिंग की दो अत्याधुनिक लाइनें लगाई गई हैं। साथ ही, यहाँ लेजर कटिंग और वेल्डिंग के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। ये मशीनें गाड़ियों के 'बॉडी इन व्हाइट' (BIW) हिस्से तैयार करती हैं, जो गाड़ी का मुख्य ढांचा होता है। आसान भाषा में कहें तो यह गाड़ी की वह मजबूत नींव है जिस पर पूरी कार खड़ी होती है। यहाँ गेस्टैम्प की मशहूर 'गीगास्टैम्पिंग' तकनीक से बड़े और मजबूत पार्ट्स बनाए जाएंगे।

गाड़ी की मजबूती और सुरक्षा का गणित

अक्सर लोग सुरक्षा को सिर्फ एयरबैग या स्टार रेटिंग से जोड़ते हैं, लेकिन असली सुरक्षा गाड़ी के ढांचे में छिपी होती है। हॉट स्टैम्पिंग तकनीक से बने पुर्जे स्टील को गर्म करके तेजी से ठंडा किए जाते हैं, जिससे वे हल्के होने के बावजूद बेहद मजबूत हो जाते हैं। इससे पिलर, रूफ रेल और क्रंपल जोन को इतना ताकतवर बनाया जाता है कि दुर्घटना के समय ये झटके को सोख सकें और अंदर बैठे लोगों को सुरक्षित रखें।

वजन कम होने से बढ़ेगी माइलेज और ईवी की रेंज

गाड़ी का वजन कम होने से पेट्रोल-डीजल वाली कारों की माइलेज बेहतर होती है। वहीं इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए यह तकनीक गेम चेंजर है, क्योंकि बैटरी का वजन पहले से ही ज्यादा होता है। हल्का ढांचा होने से बैटरी की रेंज बढ़ती है और उसे सुरक्षित रखने में भी मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से गाड़ी के ढांचे का वजन 10 से 15 फीसदी तक कम किया जा सकता है।

भारत में ऑटो सेक्टर की तेजी

गेस्टैम्प का मानना है कि साल 2030 तक भारत में सालाना 78 लाख गाड़ियां बनने लगेंगी। कंपनी पिछले 20 सालों से भारत में है और अब पुणे, चेन्नई के बाद गुजरात में भी अपनी धाक जमा चुकी है। कंपनी का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि भारतीय बाजार में अपनी रेवेन्यू ग्रोथ को और रफ्तार देना है। इस प्लांट में एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगा है और कंपनी आगे चलकर पूरी तरह से रिन्यूएबल बिजली का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।

विवरणजानकारी
निवेश523.7 करोड़ रुपये
प्लांट का क्षेत्र31,790 वर्ग मीटर
कुल रोजगार240 लोग
मुख्य तकनीकहॉट स्टैम्पिंग, लेजर कटिंग
स्थानभागपुरा, गुजरात
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