Hyundai और M&M की धमाकेदार सेल्स; सितंबर में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री!

Lakhan Sharma1 October 20262 min read0 viewsnews
Hyundai और M&M की धमाकेदार सेल्स; सितंबर में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री!

भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए सितंबर का महीना बेहद शानदार रहा है। दिग्गज कार निर्माता Hyundai Motor India और दिग्गज वाहन निर्माता Mahindra & Mahindra (M&M) ने अपनी बिक्री के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। दोनों ही कंपनियों ने साल-दर-साल (YoY) आधार पर डबल-डिजिट ग्रोथ हासिल की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले त्योहारी सीजन में डिमांड और भी बढ़ सकती है।

Hyundai ने रचा इतिहास: अब तक की सबसे ज्यादा मंथली सेल्स

Hyundai Motor India के लिए सितंबर का महीना उपलब्धियों से भरा रहा। कंपनी ने अपनी अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

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  • कुल बिक्री: 77,916 यूनिट्स (10.8% की सालाना बढ़त)
  • घरेलू बाजार: 57,166 यूनिट्स (10.9% की बढ़त)
  • निर्यात (Exports): 20,750 यूनिट्स (10.4% की बढ़त)

Hyundai के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तरुण गर्ग ने बताया कि कंपनी ने जुलाई 2026 में बनाए अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि आगामी Hyundai BAYON की बुकिंग शुरू होने और त्योहारी सीजन के कारण ग्राहकों का उत्साह बना रहेगा।

Mahindra & Mahindra का जलवा: 15% की शानदार ग्रोथ

Mahindra & Mahindra ने भी बाजार में अपनी मजबूत पकड़ साबित की है। कंपनी ने कुल 1,14,874 वाहनों की बिक्री की है, जो पिछले साल के मुकाबले 15% अधिक है।

M&M के प्रदर्शन की मुख्य बातें:

  1. यूटीलिटी व्हीकल (UV): घरेलू बिक्री 64,092 यूनिट्स रही, जिसमें 14% की बढ़त देखी गई।
  2. कमर्शियल व्हीकल: घरेलू बिक्री 30,420 यूनिट्स रही, जो 14% की वृद्धि दर्शाती है।
  3. ट्रक और बस: इस सेगमेंट में निर्यात सहित कुल बिक्री में 53% का भारी उछाल आया।

कंपनी के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों में तेजी और त्योहारी सीजन की शुरुआती खरीदारी ने इस ग्रोथ में बड़ी भूमिका निभाई है।

ट्रैक्टर सेगमेंट में आई गिरावट

जहाँ एक तरफ कमर्शियल और यूटीलिटी सेगमेंट में उछाल देखा गया, वहीं M&M के फार्म इक्विपमेंट बिजनेस (ट्रैक्टर) में कुछ सुस्ती देखी गई। घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 50,208 यूनिट्स रही, जो पिछले साल के मुकाबले 23% कम है। कंपनी ने इस गिरावट का कारण त्योहारी सीजन का अक्टूबर में शिफ्ट होना और पिछले साल GST दरों में कटौती के कारण बढ़े हुए बेस को बताया है।

अब सभी की नजरें अक्टूबर पर टिकी हैं, जहाँ त्योहारी मांग ऑटोमोबाइल सेक्टर की रफ्तार को और तेज करने की उम्मीद है।

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