100% Ethanol Innova: अक्टूबर में धमाका! ₹25/Litre का खर्च और IIT Delhi का मास्टरप्लान

भारत में ईंधन के भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पुष्टि की है कि अक्टूबर 2026 तक टोयोटा की 100% इथेनॉल से चलने वाली Innova HyCross बाजार में उतरने के लिए तैयार है। यह फ्लेक्स-फ्यूल वाहन न केवल पर्यावरण के अनुकूल होगा, बल्कि आपकी जेब पर भी भारी बोझ नहीं डालेगा।
Innova HyCross: कम खर्च और जबरदस्त पावर
इस नई इनोवा के बारे में सबसे चौंकाने वाली बात इसकी रनिंग कॉस्ट है। नितिन गडकरी के अनुसार, इस फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ी को चलाने का खर्च लगभग ₹25 प्रति लीटर के बराबर होगा, जो पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में बहुत कम है।
- पावर जनरेशन: यह गाड़ी चलते समय अपनी 60% शक्ति इथेनॉल से प्राप्त करेगी।
- ईंधन की बचत: पेट्रोल के मुकाबले खर्च में भारी गिरावट देखने को मिलेगी।
- लॉन्च का समय: अक्टूबर 2026 तक इसके बाजार में आने की उम्मीद है।
IIT Delhi ने तैयार किया 'इथेनॉल रोडमैप'
भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए IIT Delhi ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) के साथ मिलकर संस्थान ने "Flex-Fuel Vehicles: Enabling Energy Security and Sustainable Mobility in India" नामक एक श्वेत पत्र (White Paper) जारी किया है।
IIT Delhi के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रोफेसर पी.एम.वी. सुब्बाराव और शोधकर्ता सप्तर्षी देब द्वारा तैयार इस दस्तावेज में E85 और E100 ईंधन को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए 10-सूत्रीय रोडमैप दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से इन पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है:
- वाहन तकनीक में सुधार
- ईंधन की सही कीमत तय करना
- इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूल स्टेशनों की उपलब्धता
- टिकाऊ फीडस्टॉक और बाजार का निर्माण
- उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना और फाइनेंसिंग
सस्ती ईंधन की शुरुआत: ₹82.12 प्रति लीटर
भारत सरकार ने इस दिशा में काम तेज कर दिया है। जून 2026 में दिल्ली के पुसा रोड पर भारत का पहला Indian Oil (IOC) E85 डिस्पेंसिंग स्टेशन शुरू किया गया। यहाँ E85 ईंधन की कीमत मात्र ₹82.12 प्रति लीटर रखी गई है, जो सामान्य पेट्रोल से लगभग ₹20 सस्ती है।
चुनौतियां और भविष्य की तैयारी
हालांकि भारत ने 2025 में E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था, लेकिन अब E85 और E100 की ओर बढ़ना एक बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का मानना है कि देश के 90,000 से अधिक फ्यूल स्टेशनों को अपग्रेड करने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी, ताकि स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।
अच्छी खबर यह है कि मारुति सुजुकी और हुंडई जैसे बड़े ऑटोमेकर भी फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर तेजी से काम कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और भी मजबूत होगी।