त्योहारी सीजन में धमाका: टू-व्हीलर की बिक्री में 16% उछाल, कार सेगमेंट में गिरावट!
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार त्योहारी सीजन में टू-व्हीलर सेगमेंट ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में मांग में गिरावट देखी गई है।

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए इस साल का त्योहारी सीजन मिला-जुला रहा है। जेफरीज की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारों के पहले 14 दिनों के आंकड़ों ने बाजार में एक बड़ा अंतर दिखाया है। जहाँ एक तरफ दोपहिया वाहनों (Two-wheelers) की मांग में जबरदस्त तेजी देखी गई है, वहीं दूसरी ओर पैसेंजर व्हीकल (Passenger Vehicles) सेगमेंट में सुस्ती का माहौल है।
दोपहिया वाहनों का दबदबा
त्योहारी सीजन के शुरुआती दो हफ्तों में टू-व्हीलर सेगमेंट ने कमाल का प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट बताती है कि:
- रजिस्ट्रेशन में बढ़त: पिछले साल के मुकाबले टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 16% की वृद्धि दर्ज की गई है।
- सालाना प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में टू-व्हीलर रजिस्ट्रेशन में 22% की शानदार ग्रोथ देखी गई है।
कार सेगमेंट में सुस्ती के संकेत
पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट के लिए खबर थोड़ी चिंताजनक है। हालांकि, त्योहारी सीजन के पहले सात दिनों में कारों की मांग में 7% की बढ़त देखी गई थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में यह रफ्तार धीमी पड़ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल रजिस्ट्रेशन में 6% की गिरावट आई है। यह ध्यान देने वाली बात है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कार सेगमेंट ने 28-29% की भारी ग्रोथ दिखाई थी, लेकिन अब मांग में मॉडरेशन (धीमापन) देखा जा रहा है।
ट्रक और ट्रैक्टर सेगमेंट का प्रदर्शन
भारी वाहनों के मामले में बाजार में काफी हलचल रही है। ट्रक और ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन में भी मजबूती देखी गई है:
- ट्रक सेगमेंट: ट्रक रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 76% का बड़ा उछाल आया है। पिछले साल के मुकाबले इसकी कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 14% रही है।
- ट्रैक्टर सेगमेंट: ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन में 21% की वृद्धि हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मानसून और पिछले साल के ऊंचे बेस के कारण साल के दूसरे हिस्से में ट्रैक्टरों की मांग में चुनौतियां आ सकती हैं।
कुल मिलाकर, यह त्योहारी सीजन ऑटो सेक्टर के लिए अलग-अलग दिशाओं में जा रहा है, जहाँ टू-व्हीलर और कमर्शियल वाहन मजबूती दिखा रहे हैं, वहीं कारों की मांग में थोड़ी सुस्ती नजर आ रही है।