भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की धूम 22 लाख से ज्यादा गाड़ियों की हुई रिकॉर्ड बिक्री

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। साल 2026 की शुरुआत से लेकर 8 सितंबर तक देश में कुल 22,63,671 इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 48 प्रतिशत ज्यादा है। इस डेटा से साफ पता चलता है कि भारतीय ग्राहक अब पेट्रोल-डीजल छोड़कर बिजली से चलने वाली गाड़ियों को अपना रहे हैं।
बाजार में किसका है दबदबासरकारी वाहन डेटाबेस के अनुसार, इस बढ़त में सबसे ज्यादा हिस्सा दोपहिया और तिपहिया वाहनों का है। कुल रजिस्ट्रेशन में 62 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की है, जिनकी संख्या 14 लाख के करीब रही। वहीं, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (ई-रिक्शा) का हिस्सा 27 प्रतिशत यानी करीब 6 लाख रहा। अगर यात्री कारों की बात करें तो कुल बिक्री में इनका योगदान लगभग 10 प्रतिशत रहा, जबकि कमर्शियल गाड़ियों की हिस्सेदारी 1 प्रतिशत है।
राज्यों और कंपनियों का हालइलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है, जहाँ सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु का नंबर आता है। दोपहिया बाजार में TVS, बजाज, एथर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों का दबदबा है, जो मिलकर 77 प्रतिशत बाजार संभाल रही हैं। वहीं, तिपहिया बाजार में काफी प्रतिस्पर्धा है और करीब 680 छोटी-बड़ी कंपनियां इसमें काम कर रही हैं।
सरकारी नीतियों का असरभारत सरकार की FAME और हाल ही में शुरू हुई PM E-DRIVE जैसी योजनाओं ने ईवी क्रांति को रफ्तार दी है। साल 2018 से अब तक कुल 1 करोड़ से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियां सड़कों पर उतर चुकी हैं, जिनमें से 92 प्रतिशत बिक्री पिछले पांच सालों में हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो साल के अंत तक कुल रजिस्ट्रेशन 35 लाख का आंकड़ा पार कर सकते हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्ट्रेशन 2026 (जनवरी - सितंबर)| वाहन श्रेणी (Vehicle Category) | रजिस्ट्रेशन (Registrations) | हिस्सेदारी (Share) |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रिक दोपहिया (2-Wheelers) | 14,00,000 | 62% |
| इलेक्ट्रिक तिपहिया (3-Wheelers) | 6,08,022 | 27% |
| यात्री कारें (Passenger Vehicles) | 2,25,707 | 10% |
| कमर्शियल वाहन (Commercial) | 24,383 | 1% |