भारत के ट्रक निर्माताओं ने बढ़ाई बिक्री की रफ्तार और कमाई का गजब आंकड़ा

Lakhan Sharma11 September 20264 min read10 viewsnews
भारत के ट्रक निर्माताओं ने बढ़ाई बिक्री की रफ्तार और कमाई का गजब आंकड़ा

भारत की तीन सबसे बड़ी कमर्शियल वाहन कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपनी बिक्री के अनुमान को बढ़ाकर 10 से 15 प्रतिशत कर दिया है। पिछले पांच महीनों के दौरान बाजार में मांग इतनी ज्यादा रही कि इसने शुरुआती 4 से 6 प्रतिशत के अनुमान को पीछे छोड़ दिया।

प्रमुख कंपनियों के दिग्गजों ने दी जानकारी

द इकोनॉमिक टाइम्स की 10 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक अशोक लेलैंड के एमडी और सीईओ तथा सियाम के अध्यक्ष शेनु अग्रवाल, वीई कमर्शियल व्हीकल के चेयरमैन विनोद अग्रवाल और टाटा मोटर्स के एमडी एवं सीईओ गिरीश वाघ ने इस बदलाव की पुष्टि की है।

इसी रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बिक्री में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। सियाम अध्यक्ष ने अगस्त के महीने को उम्मीद से परे बताया क्योंकि इस दौरान विभिन्न श्रेणियों में 40 प्रतिशत की जबरदस्त बिक्री दर्ज की गई।

अगस्त महीने में कंपनियों का शानदार प्रदर्शन
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टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर 2026 को जारी अपनी विज्ञप्ति में बताया कि अगस्त में कुल 44,411 कमर्शियल वाहन बिके जो पिछले साल से 49 प्रतिशत ज्यादा हैं। कंपनी की घरेलू बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 36,619 यूनिट रही जबकि अंतरराष्ट्रीय बिक्री 227 प्रतिशत उछलकर 7,792 यूनिट पर पहुंच गई।

अशोक लेलैंड ने 2 सितंबर 2026 को बताया कि अगस्त में उनके कुल 21,038 वाहन बिके जो 38 प्रतिशत की बढ़त है। कंपनी की घरेलू बिक्री करीब 43 प्रतिशत बढ़ी जिसमें मध्यम और भारी कमर्शियल वाहनों का हिस्सा 55 प्रतिशत बढ़कर 12,408 यूनिट रहा। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार वीई कमर्शियल व्हीकल के आयशर ब्रांड की घरेलू बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 7,584 यूनिट रही जबकि महिंद्रा ने 3.5 टन से कम वजन वाले कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 27,415 यूनिट बेचीं।

खुलासा और टैक्स में राहत का असर

रशलेन की 10 सितंबर 2026 की रिपोर्ट बताती है कि अगस्त महीने में कुल 90,769 रिटेल रजिस्ट्रेशन हुए। यह पिछले साल से 14.45 प्रतिशत ज्यादा है हालांकि जुलाई के मुकाबले इसमें 8.93 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस रिटेल बिक्री में 78 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अकेले टाटा, महिंद्रा और अशोक लेलैंड का रहा।

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इस मांग के पीछे जीएसटी दरों में कटौती सबसे बड़ा कारण है। जीएसटी काउंसिल ने 22 सितंबर 2025 से ट्रकों, बसों और एम्बुलेंस पर टैक्स की दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। टाटा मोटर्स ने इसका पूरा फायदा ग्राहकों को दिया जिससे भारी वाहनों की कीमतों में 2.80 लाख रुपये से 4.65 लाख रुपये तक की कमी आई। वहीं वीई कमर्शियल व्हीकल ने कुछ आयशर मॉडल्स पर 6 लाख रुपये तक की बचत होने की बात कही।

आगे की रणनीतियां और बाजार का रुख

विकास के इन आंकड़ों को लेकर अभी भी थोड़ी सावधानी बरती जा रही है। गिरीश वाघ ने बताया कि छमाही की इस ग्रोथ को कम आधार वर्ष का फायदा मिला है और आने वाले महीनों की तुलना सितंबर 2025 से शुरू हुई रिकवरी से होगी। उनका मानना है कि अगर मौजूदा रफ्तार बनी रही तो साल के अंत तक यह दहाई अंक तक पहुंच सकती है।

विनोद अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि कई ग्राहक पुरानी गाड़ियों को हटाकर अधिक किफायती बीएस6 मॉडल चुन रहे हैं और यह प्रक्रिया अगले एक से दो साल तक जारी रहने की उम्मीद है। वहीं क्रिसिल रेटिंग्स ने अप्रैल 2026 में 5 से 6 प्रतिशत की मामूली बढ़त का अनुमान जताया था जिसे एजेंसी ने अभी तक आधिकारिक रूप से बदला नहीं है।

आने वाले महीनों पर रहेगी नजर

अक्टूबर की शुरुआत में आने वाले अगले महीने के बिक्री के आंकड़े यह तय करेंगे कि अगस्त की यह तेजी स्थायी है या कुछ समय की। सियाम की भविष्य की रिपोर्ट और क्रिसिल जैसी रेटिंग एजेंसियों के अपडेट से यह साफ होगा कि यह सेक्टर दहाई अंकों की रफ्तार को बनाए रख पाता है या नहीं। यदि त्योहारों के बाद रिटेल मांग थोक बिक्री के मुकाबले नहीं बढ़ी तो डीलरों के लिए गाड़ियों का स्टॉक संभालना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

Commercial Vehicle Sales and Market Highlights (August 2026)
Company / Parameter (कंपनी / विवरण)Total Units Sold (कुल यूनिट)Growth Rate (बिक्री में बढ़त)
Tata Motors (टाटा मोटर्स)44,411 Units49% Increase
Ashok Leyland (अशोक लेलैंड)21,038 Units38% Increase
Eicher / VECV Domestic (आयशर घरेलू)7,584 Units20% Increase
Mahindra Sub 3.5 Tonne (महिंद्रा)27,415 Units22% Increase
Retail Registrations (रिटेल रजिस्ट्रेशन)90,769 Units14.45% YoY Increase
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