Jaguar Land Rover में 4000 नौकरियां होंगी खत्म टाटा ग्रुप की कंपनी ने उठाया बड़ा कदम

टाटा ग्रुप के मालिकाना हक वाली लग्जरी कार कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अपने खर्चों को कम करने और भविष्य की तकनीक पर फोकस करने के लिए अगले दो सालों में वैश्विक स्तर पर करीब 4,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। कंपनी का लक्ष्य इस योजना के जरिए करीब 1.7 बिलियन पाउंड की बचत करना है।
किन लोगों पर गिरेगी गाजJLR ने साफ किया है कि यह कटौती मुख्य रूप से मैनेजेरियल, सैलरीड और रिसर्च के काम से जुड़े पदों पर होगी। अच्छी बात यह है कि मैन्युफैक्चरिंग लाइन में काम करने वाले कर्मचारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी कोशिश कर रही है कि लोग अपनी मर्जी से यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट लेकर बाहर जाएं। फिलहाल ट्रेड यूनियन्स के साथ बातचीत का दौर जारी है।
क्यों लिया गया यह फैसलाकंपनी इस समय अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए 'ग्रोथ रीइमेजिन्ड' नाम का प्रोग्राम चला रही है। जेएलआर का लक्ष्य है कि वह कम गाड़ियां बेचकर भी मुनाफा कमाए। कंपनी इलेक्ट्रिक और डिजिटल तकनीक पर अगले पांच सालों में 15 से 18 बिलियन पाउंड का भारी निवेश करने की तैयारी में है। हालिया तिमाही नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू 9.6 फीसदी तक गिर गया था और कैश फ्लो भी दबाव में था।
चीन और अमेरिका में सुस्त बिक्रीकंपनी की बिक्री के आंकड़े चिंताजनक हैं। चीन में कंपनी की रिटेल बिक्री 23.9 फीसदी, नॉर्थ अमेरिका में 13.1 फीसदी और यूरोप में 11.4 फीसदी तक गिरी है। कंपनी फिलहाल अपनी तीन मुख्य गाड़ियों रेंज रोवर, रेंज रोवर स्पोर्ट और डिफेंडर पर पूरा जोर दे रही है, जो उसकी कुल बिक्री का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा हैं।
भारत पर क्या होगा असरभारत में जेएलआर टाटा मोटर्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और तमिलनाडु के पनापक्कम में इनका एक नया प्लांट भी है। हालांकि, यूके में हो रही इन कटौतियों का भारतीय प्लांट या वहां की मैन्युफैक्चरिंग नौकरियों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। कंपनी अब भविष्य में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के विकल्पों पर दांव लगा रही है ताकि बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सके।
| Index | Details |
|---|---|
| Target Savings | 1.7 Billion Pounds |
| Job Cuts | 4,000 Roles |
| Investment Plan | 15-18 Billion Pounds |
| Core Focus | EV and Digital Tech |