जीत झबख् का धमाका: 2WD कार से जीतकर रचा इतिहास, भारतीय टीम ने लहराया परचम!
हैदराबाद के जीत झबख् ने 2WD कार के साथ FIA APRC जीतकर इतिहास रच दिया है। जानें इस भारतीय ड्राइवर की अविश्वसनीय सफलता की पूरी कहानी।

भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के इतिहास में एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिखा गया है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। हैदराबाद के होनहार रेसर जीत झबख् ने FIA एशिया-प्रशांत रैली चैंपियनशिप (APRC) में ऐसी जीत दर्ज की है, जिसकी कल्पना पहले कभी नहीं की गई थी। जीत ने न केवल अपनी काबिलियत साबित की, बल्कि वह पहले ड्राइवर बन गए हैं जिन्होंने 2WD (टू-व्हील-ड्राइव) कार के साथ यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है।
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ नाम
पिछले 38 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी पूरी तरह से भारतीय क्रू ने इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का खिताब जीता है। जीत झबख् और उनके को-ड्राइवर मुसा शरीफ की इस जोड़ी ने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो संसाधनों की कमी भी बाधा नहीं बन सकती। आधिकारिक FIA वर्गीकरण के अनुसार, जीत ने 73 अंकों के साथ सीजन का समापन किया, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 35 अंक अधिक थे।
दमदार प्रदर्शन और अटूट भरोसा
रैली की दुनिया में आमतौर पर शक्तिशाली फोर-व्हील-ड्राइव (4WD) मशीनों का दबदबा रहता है, लेकिन जीत ने अपनी रणनीति और निरंतरता से सबको पछाड़ दिया। उनकी सफलता के मुख्य स्तंभ निम्नलिखित रहे:
- निरंतरता: जीत ने कैलेंडर के हर राउंड में अंक हासिल किए।
- विश्वसनीयता: न्यूजीलैंड के ओटागो रैली, भारत की साउथ इंडिया रैली और इंडोनेशिया रैली के दौरान वे एक बार भी रिटायर नहीं हुए।
- अनुशासन: उन्होंने अपनी गति और तकनीकी सटीकता के बीच बेहतरीन संतुलन बनाए रखा।
"हम हर रैली में तेज थे और हमने एक भी मौका गंवाया नहीं," जीत झबख् ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा।
भारतीय मोटरस्पोर्ट्स के लिए नया सवेरा
यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं है, बल्कि भारतीय प्रतिभाओं के लिए वैश्विक मंच पर एक बड़ा आत्मविश्वास है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीत की इस सफलता से भारत में रैली इंफ्रास्ट्रक्चर और युवा ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जीत 2027 के सीजन में 4WD कार की ओर रुख करेंगे या फिर 2WD के साथ अपनी सीमाओं को और आगे बढ़ाएंगे। फिलहाल, पूरे देश को अपने इस चैंपियन पर गर्व है!