किमी एंटोनेली बने सबसे युवा F1 वर्ल्ड चैंपियन, मेक्सिको में रचा इतिहास

मेक्सिको सिटी ग्रैंड प्रिक्स में पोडियम हासिल कर किमी एंटोनेली ने रचा इतिहास। सेबेस्टियन वेटेल का रिकॉर्ड तोड़ बने सबसे युवा F1 वर्ल्ड चैंपियन।

Lakhan Sharma2 November 20262 min read0 viewsnews
किमी एंटोनेली बने सबसे युवा F1 वर्ल्ड चैंपियन, मेक्सिको में रचा इतिहास

फॉर्मूला वन की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है! मर्सिडीज के उभरते सितारे किमी एंटोनेली ने मेक्सिको सिटी ग्रैंड प्रिक्स में तीसरा स्थान हासिल कर 2026 का वर्ल्ड ड्राइवर्स चैंपियनशिप अपने नाम कर लिया है। मात्र 20 साल और 68 दिन की उम्र में, एंटोनेली ने खेल के इतिहास में वह कर दिखाया है जो अब तक नामुमकिन माना जाता था।

सेबेस्टियन वेटेल का रिकॉर्ड ध्वस्त

एंटोनेली की इस ऐतिहासिक जीत ने पुराने सभी कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने सेबेस्टियन वेटेल के उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जो उन्होंने 2010 में 23 साल की उम्र में बनाया था। अब एंटोनेली आधिकारिक तौर पर स्पोर्ट्स इतिहास के सबसे युवा वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं।

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इस जीत के साथ ही इटली के लिए भी एक गौरवशाली क्षण आया है। एंटोनेली 1953 में अल्बर्टो असकारी के बाद इटली के पहले वर्ल्ड चैंपियन बन गए हैं।

मेक्सिको सिटी में रोमांचक मुकाबला

मैक्स वर्स्टापेन की जीत और लुईस हैमिल्टन के दूसरे स्थान के बीच, एंटोनेली ने तीसरे स्थान पर रहकर वह महत्वपूर्ण अंक हासिल किए, जिससे सीजन के चार मुकाबले बाकी रहते ही उनकी चैंपियनशिप पक्की हो गई। रेस के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले:

  • रेड फ्लैग का संकट: Valtteri Bottas की भीषण दुर्घटना के कारण रेस को रोकना पड़ा।
  • शानदार वापसी: रेड फ्लैग के बाद जब रेस दोबारा शुरू हुई, तो एंटोनेली ने अपनी पोजीशन को मजबूती से बनाए रखा।
  • बीमारी से जंग: इस बड़े इवेंट से ठीक पहले एंटोनेली एक वायरल बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण वह मीडिया ड्यूटी भी नहीं कर पाए थे, लेकिन ट्रैक पर उनका प्रदर्शन बेमिसाल रहा।

मर्सिडीज का दबदबा और एंटोनेली का सफर

एंटोनेली की इस सफलता ने मर्सिडीज टीम को उनका 10वां ड्राइवर्स टाइटल दिला दिया है। अपने दूसरे ही फॉर्मूला वन सीजन में, उन्होंने कुल 9 ग्रैंड प्रिक्स जीत हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

मैक्स वर्स्टापेन (Red Bull), लुईस हैमिल्टन और चार्ल्स लेक्लर (Ferrari), और अपने साथी जॉर्ज रसेल के कड़े मुकाबले के बावजूद, एंटोनेली ने अपना रास्ता खुद बनाया। जीत के बाद भावुक होकर एंटोनेली ने कहा, "यह अविश्वसनीय है... यह एक ऐसा पल है जो हमेशा के लिए जीवित रहेगा।"

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