Mahindra का धमाका: SUV बिक्री में बनाया नया रिकॉर्ड, अक्टूबर में बिकीं 73,338 यूनिट्स
Mahindra & Mahindra ने अक्टूबर में SUV बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया। त्योहारों के सीजन में 73,338 यूनिट्स की घरेलू बिक्री के साथ कंपनी ने इतिहास रच दिया।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में Mahindra & Mahindra ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। कंपनी ने अक्टूबर महीने में अपनी घरेलू SUV बिक्री के मामले में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन किया है। त्योहारी सीजन की भारी मांग और नए मॉडल्स की लोकप्रियता ने कंपनी को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है।
SUV सेगमेंट में ऐतिहासिक बढ़त
अक्टूबर के महीने में महिंद्रा ने घरेलू बाजार में कुल 73,338 SUV यूनिट्स बेचीं, जो कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री है। अगर हम कुल वाहन बिक्री (निर्यात सहित) की बात करें, तो यह पिछले साल के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर 1,31,109 यूनिट्स तक पहुंच गई है।
महिंद्रा के ऑटोमोटिव बिजनेस प्रेसिडेंट, वेलुसामी आर के अनुसार, यह महीना कंपनी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि त्योहारों के सीजन और कंपनी के नए पोर्टफोलियो ने SUV, पिक-अप और थ्री-व्हीलर्स की मांग को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई है।
XUV 3XO ZNG की जबरदस्त मांग
कंपनी की पहली CNG वाहन, XUV 3XO ZNG को ग्राहकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस नए मॉडल ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है, जिससे कंपनी की कुल बिक्री में काफी मदद मिली है।
कमर्शियल और एक्सपोर्ट सेगमेंट में भी उछाल
महिंद्रा का प्रदर्शन केवल SUVs तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य सेगमेंट में भी बड़ी बढ़त देखी गई:
- कमर्शियल व्हीकल: घरेलू बाजार में कमर्शियल वाहनों की बिक्री 4 प्रतिशत बढ़कर 33,037 यूनिट्स रही।
- निर्यात (Exports): कंपनी के एक्सपोर्ट में 77 प्रतिशत का भारी उछाल आया है, जो 7,102 यूनिट्स तक पहुंच गया।
- ट्रक और बस: इस सेगमेंट में भी 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ट्रैक्टर सेगमेंट में थोड़ी सुस्ती
जहां एक ओर SUVs ने रिकॉर्ड तोड़ा, वहीं महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट (ट्रैक्टर) बिजनेस में थोड़ी गिरावट देखी गई। घरेलू बाजार में ट्रैक्टरों की बिक्री 13 प्रतिशत घटकर 62,626 यूनिट्स रही। कंपनी का मानना है कि दिवाली का समय बदलने के कारण इस सेगमेंट पर असर पड़ा है। हालांकि, ट्रैक्टरों के निर्यात में 40 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश और आर्थिक गतिविधियों के कारण महिंद्रा का भविष्य काफी उज्ज्वल नजर आ रहा है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती लागत पर नजर रखना जरूरी होगा।