MG Motor का बड़ा धमाका: AMPSTAR के साथ इलेक्ट्रिक ट्रक और बस मार्केट पर कब्ज़ा करने की तैयारी!

JSW MG Motor India ने अब कमर्शियल व्हीकल सेक्टर में अपनी धाक जमाने के लिए कमर कस ली है। मुंबई में आयोजित JSW Greentech इवेंट के दौरान कंपनी ने अपने नए ब्रांड AMPSTAR को लॉन्च किया है। इस कदम के साथ ही कंपनी का लक्ष्य भारत के कमर्शियल बेड़े के एक बड़े हिस्से को इलेक्ट्रिक में बदलना है।
मार्केट में आएगी बड़ी क्रांति: 1 लाख यूनिट्स का अनुमान
कंपनी के एमडी, पार्थ जिंदल ने एक बहुत ही महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है। उनका मानना है कि देश के कमर्शियल वाहनों की मांग का लगभग 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा तेजी से इलेक्ट्रिक की ओर शिफ्ट हो सकता है।
- संभावित मार्केट साइज: 75,000 से 1,00,000 यूनिट्स।
- मौजूदा क्षमता: 15,000 यूनिट्स।
- विस्तार की योजना: जैसे ही क्षमता का उपयोग 70% पार करेगा, छत्रपति संभाजीनगर प्लांट की क्षमता दोगुनी कर दी जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि इस मांग का एक बड़ा हिस्सा खुद JSW ग्रुप से ही आएगा। स्टील, पावर और सीमेंट जैसे बिजनेस के लिए कंपनी को हर साल लगभग 10,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों की जरूरत होगी।
₹2,500 करोड़ का भारी निवेश और स्वदेशी तकनीक
इस बड़े विजन को हकीकत में बदलने के लिए कंपनी अब तक ₹2,500 करोड़ का निवेश कर चुकी है। कंपनी की रणनीति बहुत स्पष्ट है: सरकारी टेंडर्स के जरिए ई-बस सप्लाई करना और प्राइवेट सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक उपलब्ध कराना।
"हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर बनना है," जिंदल ने संकेत देते हुए बताया कि बैटरी सेल को छोड़कर, ट्रक और बस के बाकी सभी हिस्से पूरी तरह से स्थानीय (Localised) हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि लागत पर भी नियंत्रण रहेगा।
फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए आसान होंगे रास्ते: लीज और बैटरी स्वापिंग
इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए JSW MG Motor कई तरह के इनोवेटिव समाधान ला रही है। अब ग्राहकों को भारी निवेश करने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि कंपनी ये विकल्प देगी:
- Battery-as-a-Service (BaaS): बैटरी लीज पर लेने की सुविधा।
- बैटरी स्वापिंग: चार्जिंग का इंतजार किए बिना बैटरी बदलने का विकल्प।
- फ्लेक्सिबल पेमेंट: आप प्रति टन या प्रति किलोमीटर के आधार पर भुगतान कर सकते हैं।
- व्हीकल लीजिंग: वाहन को भी लीज पर लेने की सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रदूषण कम करने की बड़ी जिम्मेदारी
पार्थ जिंदल ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि भारत के कुल सड़क यातायात में कमर्शियल वाहनों की हिस्सेदारी केवल 4% है, लेकिन देश के कुल वाहन प्रदूषण और तेल आयात में इनका योगदान 40% है। AMPSTAR के जरिए कंपनी इसी बड़े गैप को भरने और प्रदूषण कम करने की कोशिश कर रही है।
छत्रपति संभाजीनगर स्थित प्लांट के पहले चरण में 15,000 यूनिट्स बनाने की क्षमता है, जिसे ट्रकों और बसों के बीच जरूरत के अनुसार बदला जा सकेगा।