पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता, लेकिन Nayara Energy ने बढ़ाया दाम!

Lakhan Sharma6 October 20262 min read0 viewsnews
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता, लेकिन Nayara Energy ने बढ़ाया दाम!

भारत में ईंधन की कीमतों को लेकर आज एक बड़ा अपडेट सामने आया है। 6 अक्टूबर को देश की सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम जनता को कुछ राहत मिली है। हालांकि, निजी क्षेत्र की कंपनी Nayara Energy ने अपने नेटवर्क पर कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ग्राहकों की जेब पर असर पड़ सकता है।

सरकारी कंपनियों ने बरकरार रखी कीमतें

देश की प्रमुख सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों ने आज सुबह ईंधन की दरों को पिछले स्तरों पर ही बनाए रखा है। आमतौर पर हर सुबह 6:00 बजे कीमतों की समीक्षा की जाती है, लेकिन मई 2026 के अंत से अब तक देशव्यापी स्तर पर कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है।

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Nayara Energy ने बढ़ाई कीमतें: क्या है नया रेट?

जहाँ एक तरफ सरकारी कंपनियां स्थिरता बनाए हुए हैं, वहीं निजी रिटेलर Nayara Energy ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की बढ़ती लागत का हवाला देते हुए कीमतों में वृद्धि की है।

  • पेट्रोल: ₹5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।
  • डीजल: ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी।

यह बदलाव कंपनी के नेटवर्क पर 3 अक्टूबर 2026 से लागू किया जा चुका है।

कीमतों को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक

भारत में घरेलू ईंधन की कीमतें कई जटिल कारकों पर निर्भर करती हैं। तेल कंपनियां केवल वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों को नहीं देखतीं, बल्कि निम्नलिखित पहलुओं पर भी ध्यान देती हैं:

  1. रुपये और डॉलर का विनिमय दर (Exchange Rate)।
  2. रिफाइनरी में होने वाली प्रोसेसिंग लागत।
  3. डीलर का मार्जिन।
  4. लागू होने वाले विभिन्न टैक्स।

इन कारकों की वजह से ही भारतीय बाजार में स्थानीय कीमतें वैश्विक उतार-चढ़ाव से काफी हद तक अलग रहती हैं।

सरकार के पुराने फैसले का असर

उपभोक्ताओं को महंगाई से बचाने के लिए मार्च 2026 में भारत सरकार ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया था। उस समय एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में भारी कटौती की गई थी:

  • पेट्रोल: एक्साइज ड्यूटी को ₹10 प्रति लीटर घटाकर मात्र ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया था।
  • डीजल: डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को ₹10 से घटाकर पूरी तरह शून्य (Zero) कर दिया गया था।

सरकार के इस हस्तक्षेप का उद्देश्य भू-राजनीतिक अस्थिरता के दौर में आम आदमी को राहत पहुंचाना था।

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