टाटा की TCS ने पोर्श की कंपनी MHP को खरीदा 1.5 बिलियन डॉलर की धांसू डील के साथ

भारतीय आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने ऑटोमोबाइल जगत में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने स्पोर्ट्स कार बनाने वाली मशहूर जर्मन कंपनी पोर्श की सब्सिडियरी कंपनी MHP मैनेजमेंट और आईटी कंसल्टिंग को खरीदने के लिए एक बड़ी डील साइन की है। यह सौदा करीब 320 मिलियन यूरो (लगभग 1.5 बिलियन डॉलर की कुल साझेदारी का हिस्सा) में हुआ है। इस डील के जरिए पोर्श अपनी टेक्नोलॉजी और डिजिटल कामकाज को और ज्यादा स्मार्ट बनाने की तैयारी में है।
इस साझेदारी के तहत पांच साल का एक रणनीतिक समझौता किया गया है, जिसमें पोर्श ने करीब 1.25 बिलियन यूरो का निवेश करने का वादा किया है। पोर्श के सीईओ माइकल लीटर्स का कहना है कि इस बदलाव से कंपनी का पूरा फोकस अपनी मुख्य गतिविधियों पर होगा और उन्हें एक मजबूत टेक्नोलॉजी पार्टनर भी मिल जाएगा। उनका मानना है कि जर्मन इंजीनियरिंग और भारत की डिजिटल व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत मिलकर भविष्य में गाड़ियों की दुनिया में जबरदस्त इनोवेशन लाएंगे।
TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने बताया कि आज के दौर में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पूरी तरह से सॉफ्टवेयर और डेटा पर टिकी है। इस डील का मुख्य मकसद पोर्श के लिए बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लागू करना है, ताकि ग्राहकों को बेहतरीन सॉफ्टवेयर वाली स्मार्ट गाड़ियां मिल सकें। TCS इस जर्मन कंपनी के लिए एक खास 'AI मोबिलिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' भी बनाएगी, जो मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में सुधार पर काम करेगा।
सबसे खास बात यह है कि मालिकाना हक बदलने के बाद भी MHP अपना पुराना नाम बरकरार रखेगी और TCS के अंदर एक स्वतंत्र कंपनी की तरह काम करती रहेगी। फिलहाल इस डील को पूरा होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है, क्योंकि अभी इसे कुछ जरूरी सरकारी और कानूनी मंजूरी मिलनी बाकी है। टाटा की नीदरलैंड्स इकाई ने पहले ही इस इक्विटी खरीद को अपनी मंजूरी दे दी है। इस डील के साथ ही TCS का यूरोपीय बाजार में दबदबा और भी मजबूत हो जाएगा, जो आने वाले समय में कंपनी के लिए एक बड़े रेवेन्यू का जरिया बनेगा।
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| खरीदार (Acquirer) | TCS (Tata Consultancy Services) |
| कंपनी खरीदी (Acquired Entity) | MHP (Porsche Subsidiary) |
| डील की राशि | 320 मिलियन यूरो (1.5 बिलियन डॉलर का कुल निवेश) |
| साझेदारी की अवधि | 5 साल |
| मुख्य फोकस | AI, सॉफ्टवेयर और ऑटोमोटिव इनोवेशन |