त्योहारों में भी ट्रैक्टर की मांग घटी: थोक बिक्री में 12% तक की भारी गिरावट
फेस्टिव सीजन में ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन 17% बढ़ा, लेकिन महिंद्रा और एस्कॉर्ट्स की थोक बिक्री में 12% तक की भारी गिरावट आई है।

त्योहारों के इस शानदार सीजन में जहां एक ओर ग्राहकों की मांग में तेजी देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर ट्रैक्टर उद्योग के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। जेफरीज (Jefferies) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर महीने में ट्रैक्टरों की थोक बिक्री (Wholesales) में 10 से 12 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब निर्माताओं की बिक्री में कमी आई है, जो बाजार की बदलती स्थिति की ओर इशारा करता है।
रजिस्ट्रेशन में बढ़त बनाम थोक बिक्री में गिरावट
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक तरफ कंपनियों की थोक बिक्री कम हुई है, वहीं ग्राहकों की ओर से रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त उछाल देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन के पहले 21 दिनों के दौरान ट्रैक्टर रजिस्ट्रेशन में साल-दर-साल 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
हालांकि, यह बढ़त निर्माताओं के लिए अच्छी खबर नहीं रही है। जेफरीज का कहना है कि उच्च आधार (High Base) और मांग में आई सुस्ती के कारण एस्कॉर्ट्स कुबोटा (Escorts Kubota) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) जैसी कंपनियों की थोक बिक्री में गिरावट आई है।
महिंद्रा (M&M) के आंकड़े: घरेलू बिक्री में गिरावट
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अक्टूबर में कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री 64,846 यूनिट रही, जो पिछले साल इसी महीने 73,660 यूनिट थी। यानी कंपनी की बिक्री में 12 प्रतिशत की कमी आई है।
- घरेलू बिक्री: महिंद्रा की घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 13% गिरकर 62,626 यूनिट रह गई।
- निर्यात (Exports): राहत की बात यह रही कि कंपनी के निर्यात में 40% का शानदार इजाफा हुआ, जो 2,220 यूनिट्स तक पहुंच गया।
- कुल बिक्री: हालांकि, वित्त वर्ष 27 के पहले सात महीनों में कंपनी की कुल बिक्री पिछले साल के मुकाबले 2% अधिक रही है।
बाजार की भविष्य की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि रिटेल रजिस्ट्रेशन और थोक बिक्री के बीच का यह अंतर बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आने वाले समय में भी थोक बिक्री में गिरावट जारी रहती है, तो यह ट्रैक्टर उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। फिलहाल, उद्योग में वृद्धि की गति भी धीमी होती दिख रही है, जो वित्त वर्ष 26 में 18% थी लेकिन इस साल की पहली छमाही में घटकर 8% रह गई है।