त्योहारी सीजन में ट्रकों की चांदी! बिक्री में 34% उछाल, लेकिन कार और टू-व्हीलर पर संकट
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में ट्रक बिक्री 34% बढ़ेगी, जबकि त्योहारों की देरी से कार और टू-व्हीलर सेगमेंट में सुस्ती देखी जा सकती है।

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार से इस महीने एक दिलचस्प खबर सामने आ रही है। जहाँ एक तरफ फेस्टिव सीजन के कारण कारों और टू-व्हीलर्स की मांग में सुस्ती देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल व्हीकल यानी ट्रकों के सेगमेंट में जबरदस्त तेजी आने की उम्मीद है। जेफरीज (Jefferies) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती 27 दिनों में ट्रकों के रजिस्ट्रेशन में सालाना आधार पर 34% की भारी बढ़त दर्ज की गई है।
त्योहारों की तारीख ने बिगाड़ा कारों का खेल?
आमतौर पर त्योहारी सीजन में कारों और बाइक की बिक्री चरम पर होती है, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है। रिपोर्ट बताती है कि त्योहारी कैलेंडर में बदलाव और पिछले साल के मुकाबले ऊंचे बेस के कारण पैसेंजर व्हीकल (PV) और टू-व्हीलर सेगमेंट के रजिस्ट्रेशन में 20-25% की गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बाजार में मांग की कमी नहीं, बल्कि त्योहारों के समय में बदलाव का असर है।
प्रमुख कंपनियों के अनुमानित सेल्स आंकड़े
जेफरीज ने अक्टूबर महीने के लिए अलग-अलग ऑटो दिग्गजों के थोक बिक्री (Wholesale volumes) के अनुमान जारी किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- Ashok Leyland: 19% की बढ़त के साथ 21,250 यूनिट्स तक पहुँच सकती है।
- TVS Motor: 18% की वृद्धि के साथ 6.42 लाख यूनिट्स का अनुमान।
- Tata Motors Passenger: 17% की बढ़त के साथ 72,000 यूनिट्स।
- Hyundai India: 12% की वृद्धि के साथ 78,500 यूनिट्स।
- Maruti Suzuki: 9% की बढ़त के साथ 2.4 लाख यूनिट्स।
- Hero MotoCorp: 6% की मामूली बढ़त के साथ 6.73 लाख यूनिट्स।
Mahindra & Mahindra को झटका, ट्रकों का दबदबा बरकरार
जहाँ अधिकांश कंपनियां ग्रोथ की ओर देख रही हैं, वहीं Mahindra & Mahindra के लिए खबरें थोड़ी चिंताजनक हैं। रिपोर्ट के अनुसार, महिंद्रा के कुल वॉल्यूम में 3% की गिरावट आ सकती है, जो लगभग 1.90 लाख यूनिट्स रह सकता है। इसके साथ ही कंपनी के ट्रैक्टर वॉल्यूम में भी 12% की कमी आने की आशंका है।
कुल मिलाकर, अक्टूबर का महीना ऑटो सेक्टर के लिए मिला-जुला रहा है। कमर्शियल वाहनों का बढ़ता ग्राफ देश की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत दे रहा है, जबकि पैसेंजर सेगमेंट में सुधार की उम्मीद अब आने वाले हफ्तों में त्योहारों के पूर्ण प्रभाव के साथ देखने को मिलेगी।