त्योहारी सीजन में टू-व्हीलर की धूम! बिक्री में 23% का जबरदस्त उछाल, कारों को पछाड़ा

Lakhan Sharma19 October 20262 min read0 viewsnews
त्योहारी सीजन में टू-व्हीलर की धूम! बिक्री में 23% का जबरदस्त उछाल, कारों को पछाड़ा

भारत में इस साल का त्योहारी सीजन धमाकेदार शुरुआत के साथ आया है। बाजार में नई गाड़ियां खरीदने का उत्साह इस कदर है कि टू-व्हीलर (दोपहिया वाहनों) की मांग ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जेफरीज (Jefferies) की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, त्योहारी सीजन के शुरुआती सात दिनों में ही टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन में पिछले साल के मुकाबले 23 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है।

कारों से आगे निकले दोपहिया वाहन

जहां एक ओर लोग नई कारें खरीदने की योजना बना रहे थे, वहीं असली बाजी मार ली है बाइक और स्कूटर सेगमेंट ने। रिपोर्ट बताती है कि इस दौरान पैसेंजर व्हीकल (कार) के रजिस्ट्रेशन में केवल 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो टू-व्हीलर की तुलना में काफी कम है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मध्यम वर्ग के बीच दोपहिया वाहनों की मांग बहुत मजबूत बनी हुई है।

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सेगमेंट के अनुसार प्रदर्शन की मुख्य बातें:

  • टू-व्हीलर (2W): 23% की सालाना बढ़त (YoY) के साथ सबसे आगे।
  • पैसेंजर व्हीकल (PV): 7% की धीमी लेकिन सकारात्मक वृद्धि।
  • ट्रक: रजिस्ट्रेशन में लगभग 101% का उछाल देखा गया (हालांकि इसमें पिछले साल की तुलना में कम बेस का भी असर है)।
  • ट्रैक्टर: 28% की बढ़त दर्ज की गई।

क्यों बढ़ रही है मांग?

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले साल जीएसटी (GST) दरों में कटौती के बाद एक ऊंचा बेस होने के बावजूद, टू-व्हीलर सेगमेंट में मांग का यह मोमेंटम बना रहना काफी प्रभावशाली है। पिछले दो वर्षों के रुझान को देखें तो टू-व्हीलर सेगमेंट में 17% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) देखी गई है, जबकि कारों के लिए यह दर केवल 10% रही है।

"ऑटो रजिस्ट्रेशन डेटा से पता चलता है कि शुरुआती त्योहारी अवधि में टू-व्हीलर, ट्रक और ट्रैक्टर की मांग में जबरदस्त तेजी है।" - जेफरीज रिसर्च रिपोर्ट

आगे क्या होगा?

हालांकि शुरुआत बहुत शानदार रही है, लेकिन बाजार के जानकारों का कहना है कि असली तस्वीर तब साफ होगी जब यह त्योहारी सीजन नवंबर के मध्य तक चलेगा। ट्रैक्टर सेगमेंट के लिए थोड़ी चुनौती हो सकती है क्योंकि मानसून की स्थिति और पिछले साल के आंकड़ों के कारण मांग पर दबाव देखा जा सकता है। फिलहाल, भारतीय सड़कों पर दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या यह साफ कर रही है कि ग्राहकों का भरोसा इस सेगमेंट पर लगातार बढ़ रहा है।

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