Volkswagen Group Digital Solutions ने 'Mission Prafulla' से बचाईं कई जानें!

भारत में पिछले एक दशक में कार्डियक अरेस्ट (हृदय गति रुकना) के मामलों में लगभग 30% की वृद्धि देखी गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, Volkswagen Group Digital Solutions India ने एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर, कंपनी ने अपने 'Mission Prafulla' की सफलता की घोषणा की है, जिसके तहत कंपनी के सभी 4,500 से अधिक कर्मचारियों को जीवन रक्षक कौशल में प्रशिक्षित किया गया है।
एक दुखद घटना से मिली प्रेरणा
यह मिशन कंपनी के एक साथी, प्रफुल्ल की याद में शुरू किया गया था, जिन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। इस दुखद घटना ने पूरी संस्था को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि चिकित्सा आपातकाल के दौरान शुरुआती कुछ मिनट कितने महत्वपूर्ण होते हैं। इसी सोच के साथ, पिछले डेढ़ साल से चले आ रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जीवन बचाने वाले कौशल केवल डॉक्टरों तक सीमित न रहें, बल्कि आम लोगों के पास भी हों।
क्या है Mission Prafulla और इसमें क्या सिखाया गया?
इस मिशन के माध्यम से कंपनी ने अपने 100% वर्कफोर्स को Basic Life Support (BLS) में माहिर बनाया है। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- Cardiopulmonary Resuscitation (CPR): हृदय गति रुकने पर दी जाने वाली आपातकालीन सहायता।
- AED का उपयोग: Automated External Defibrillators का सही तरीके से इस्तेमाल करना।
- Emergency Response: संकट के समय घबराने के बजाय प्रभावी ढंग से कदम उठाना।
सिर्फ ऑफिस ही नहीं, बाहर भी साबित हुआ असर
इस प्रशिक्षण का वास्तविक लाभ केवल ऑफिस की दीवारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके परिणाम असल जिंदगी में देखने को मिले हैं:
- मुंबई एयरपोर्ट पर चमत्कार: बिजनेस ट्रिप से लौट रहे कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने एयरपोर्ट पर एक व्यक्ति को कार्डियक अरेस्ट आते देखा। उन्होंने तुरंत अपनी ट्रेनिंग का इस्तेमाल करते हुए CPR दिया और AED का उपयोग किया, जिससे उस व्यक्ति की जान बच सकी।
- घर पर जीवन बचाया: एक अन्य मामले में, एक कर्मचारी ने घर पर अकेले रहते हुए एक व्यक्ति को गंभीर दौरे (seizure) पड़ते देखा और तब तक जीवन रक्षक सहायता प्रदान की जब तक कि पेशेवर मदद नहीं पहुंच गई।
नेतृत्व का दृष्टिकोण
कंपनी के Group CEO, Sidharth Yadav ने कहा कि इस पहल से समाज में एक सकारात्मक लहर पैदा हो रही है। उनके अनुसार, हर प्रशिक्षित कर्मचारी काम पर, घर पर या दुनिया में कहीं भी किसी की जान बचा सकता है। वहीं, Chief People Officer Soumi Alphons ने बताया कि पिछले दो वर्षों की कड़ी मेहनत का उद्देश्य कार्यस्थल के साथ-साथ समाज में भी देखभाल और तैयारी की संस्कृति विकसित करना है।
Volkswagen Group Digital Solutions India अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में आने वाले सभी नए कर्मचारियों को भी यह अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में उनका सामना करने के लिए टीम हमेशा तैयार रहे।