केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपनी बात रखी है। 14 जुलाई 2026 को दिए गए एक बयान में उन्होंने साफ कर दिया है कि आम कार मालिक घर पर बैठकर E20 पेट्रोल की सही माइलेज का अंदाजा नहीं लगा सकते हैं। अगर आपको अपनी गाड़ी की माइलेज को लेकर कोई भी शक है, तो सबसे बेहतर यही है कि आप अपने नजदीकी अधिकृत सर्विस सेंटर (Authorized Dealer) पर जाकर जांच करवाएं।

देशभर में 1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल लागू होने के बाद से ही लोग इंजन पर इसके असर को लेकर चिंता जता रहे थे। इस पर गडकरी ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि E20 पेट्रोल से इंजन खराब हो रहा है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी के पास इसका कोई वैज्ञानिक सबूत है, तो वह जरूर सामने रखें।

मंत्री ने यह माना कि E20 में इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होने के कारण माइलेज में मामूली गिरावट आ सकती है, खासकर हाईवे पर चलते समय। इसकी वजह यह है कि इथेनॉल की कैलोरी वैल्यू सामान्य पेट्रोल के मुकाबले थोड़ी कम होती है। हालांकि, शहर के अंदर गाड़ी चलाने पर यह अंतर बहुत कम महसूस होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सही माइलेज को मापने के लिए खास मशीनों की जरूरत होती है जो केवल ऑथोराइज्ड डीलरशिप पर ही उपलब्ध होती हैं।

सरकार के अनुसार, E20 पेट्रोल को लागू करने से पहले ARAI और IIP जैसे बड़े संस्थानों ने इसका कड़ा परीक्षण किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी यह माना है कि कुछ गाड़ियों में माइलेज 3 से 5 फीसदी तक कम हो सकती है। इसके बावजूद सरकार इसे देश के लिए फायदेमंद मान रही है। इथेनॉल ब्लेंडिंग से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी। सरकार ने साफ किया है कि अब वापस पुराने पेट्रोल या E10 पर लौटना मुमकिन नहीं है, क्योंकि इसके लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा चुका है।

विषय विवरण
E20 माइलेज प्रभाव 3 से 5 प्रतिशत तक मामूली कमी
सही जांच का तरीका अधिकृत सर्विस सेंटर (Diagnostic Equipment)
इथेनॉल का फायदा बेहतर ऑक्टेन रेटिंग और कम प्रदूषण
परीक्षण संस्थान ARAI और IIP

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