अगर आप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहते हैं या वहां गाड़ी चलाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। यूएई के सेंट्रल बैंक ने मोटर इंश्योरेंस क्लेम को लेकर एक नया और सख्त ढांचा लागू किया है। यह बदलाव फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 6 के तहत आया है, जिसका मुख्य मकसद इंश्योरेंस सेक्टर में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों को बेहतर सुरक्षा देना है। सभी बीमा कंपनियों को सितंबर 2026 तक इन नए नियमों का पूरी तरह से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह नया नियम न केवल बीमा कंपनियों के काम करने के तरीके को बदलेगा, बल्कि ग्राहकों के लिए क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को भी काफी आसान बनाएगा। नए नियमों के तहत ऑडिट ट्रेल, डेटा रिपोर्टिंग और क्लेम निपटान के लिए समय सीमा तय की गई है। इसके साथ ही, बीमा कंपनियों को अब यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्राहकों के साथ पूरी तरह निष्पक्ष व्यवहार करें। इसे ‘ट्रीटिंग कस्टमर्स फेयरली’ (TCF) का नाम दिया गया है, जिसके तहत क्लेम रिजेक्ट होने पर भी कंपनी को साफ और सरल भाषा में कारण बताना होगा।

इस नए ढांचे की एक और बड़ी बात ‘ओपन फाइनेंस रेगुलेशन’ है। इसके तहत बीमा कंपनियों को अब ग्राहकों का डेटा सुरक्षित तरीके से साझा करने के लिए स्टैंडर्ड एपीआई (API) का उपयोग करना होगा। इससे अलग-अलग वित्तीय संस्थानों के बीच तालमेल बेहतर होगा और ग्राहकों को अपने इंश्योरेंस डेटा तक पहुंचना पहले से ज्यादा सरल हो जाएगा।

बीमा कंपनियों को अब अपने कामकाज में और भी अधिक जवाबदेही दिखानी होगी। इसमें आउटसोर्सिंग और क्लेम ऑपरेशन्स से जुड़ी बारीकियों पर खास ध्यान दिया गया है। कुल मिलाकर, यह नया बदलाव यूएई के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़े सुधार की तरह देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में कार मालिकों को क्लेम के लिए लंबी दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

Key Regulatory Aspect Impact on Motor Claims
Deadline for Compliance September 2026
Core Framework CBUAE Consumer Protection Regulation
Customer Focus Fair Treatment (TCF) & Plain Language Communication
Data Management Open Finance API Integration

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6 years Auto news expert. Lakhan belongs from Patna and write news, views, reviews and interviews for Automobile updates.

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