बेंगलुरु की सड़कों पर बाइक टैक्सी चलाने वालों के लिए मुसीबत बढ़ गई है। कर्नाटक परिवहन विभाग ने बिना परमिट के चल रही बाइक टैक्सियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 5 अगस्त 2026 को अकेले 263 प्राइवेट नंबर प्लेट वाली बाइक जब्त की गईं और 7 अगस्त तक यह आंकड़ा 200 और बढ़ गया। यह कार्रवाई बेंगलुरु के सभी 11 आरटीओ (RTO) इलाकों में एक साथ की गई है।
परिवहन विभाग का साफ कहना है कि सफेद नंबर प्लेट वाली प्राइवेट बाइक का इस्तेमाल कमर्शियल काम यानी सवारी ढोने के लिए करना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत पूरी तरह अवैध है। जो लोग नियमों को तोड़ रहे हैं, उनकी गाड़ियां जब्त की जा रही हैं और उनके ड्राइविंग लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को सस्पेंड करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
इस सख्ती से बाइक टैक्सी चलाने वाले हजारों राइडर्स काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। वहीं, बाइक टैक्सी एसोसिएशन ने सरकार से गुहार लगाई है कि वे इस कार्रवाई को फिलहाल रोकें और बाइक टैक्सी के लिए एक स्पष्ट पॉलिसी बनाएं ताकि वे कानूनी रूप से काम कर सकें। दूसरी तरफ, ऑटो-रिक्शा यूनियन ने इस कदम का स्वागत किया है और मांग की है कि इन सेवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध लगना चाहिए।
इस खींचतान का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। जो लोग मेट्रो स्टेशन से अपने घर या ऑफिस जाने के लिए सस्ती बाइक टैक्सी का सहारा लेते थे, उन्हें अब भारी-भरकम ऑटो किराया देना पड़ रहा है। शहर में ऑटो-रिक्शा की कमी और बढ़े हुए दाम से आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है, क्योंकि कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें बाइक टैक्सी को रेगुलेट करने की अनुमति दी गई थी। अब देखना यह है कि क्या सरकार कोई बीच का रास्ता निकालती है या फिर यह विवाद और गहराता जाएगा।
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| कुल जब्त गाड़ियां (5-7 अगस्त) | 463+ |
| कार्रवाई का कारण | बिना कमर्शियल परमिट के संचालन |
| मुख्य प्रभावित क्षेत्र | बेंगलुरु अर्बन डिस्ट्रिक्ट |
| संभावित जुर्माना | गाड़ी जब्ती और लाइसेंस सस्पेंशन |




