दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाल ही में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कबाड़ (स्क्रैप) से लदा हुआ एक ट्रक दिल्ली की ओर जा रहा था, तभी अचानक उसमें भीषण आग लग गई। गनीमत यह रही कि ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते हुए वाहन को सड़क के किनारे सुरक्षित पार्क कर दिया और तुरंत गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचा ली। इस घटना में ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई चोट नहीं आई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग लगने की सटीक जगह और समय क्या था, लेकिन इस घटना ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे भारत का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और हाई-स्पीड कॉरिडोर है, लेकिन पिछले कुछ समय में यहाँ सड़क हादसों और गाड़ियों में आग लगने की खबरें लगातार बढ़ रही हैं। अगर हम पिछले कुछ समय के आंकड़ों पर नज़र डालें, तो यह कोई पहली घटना नहीं है। 1 जुलाई 2026 को राजस्थान के दौसा जिले के पास एक स्लीपर बस और ट्रेलर की जोरदार टक्कर हो गई थी, जिसके बाद दोनों वाहनों में आग लग गई थी। उस दर्दनाक हादसे में कम से कम आठ लोगों की जान चली गई थी, जिनमें से छह लोग जिंदा जल गए थे। उस हादसे में 20 से ज्यादा यात्री घायल भी हुए थे।
इसी तरह, अप्रैल 2026 में अलवर, राजस्थान में एक कार में आग लगने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें केवल ड्राइवर ही अपनी जान बचा पाया था। वहीं, दिसंबर 2025 में भी अलवर में ही एक पिकअप ट्रक की टक्कर के बाद उसमें आग लग गई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी और एक ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस नए एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे ये हादसे वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। फिलहाल संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर बार-बार गाड़ियों में आग लगने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं।




