पहाड़ों की गोद में बसे उत्तराखंड के अल्मोड़ा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे ऑटोमोबाइल जगत को हैरान कर दिया है। अल्मोड़ा के रहने वाले रवि टम्टा ने अपनी मेहनत और लगन से एक ऐसी इलेक्ट्रिक फ्लाइंग कार तैयार की है, जो भविष्य में सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकती है। इस धांसू उड़ने वाली कार का नाम ‘HAPIDA SKYNeX’ रखा गया है।
रवि टम्टा की स्टार्टअप कंपनी ‘हापिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड’ के तहत इस सिंगल-सीटर फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप तैयार किया गया है। इस कार का सफल टेस्ट 6 और 7 अगस्त 2026 को किया गया। सबसे खास परीक्षण 7 अगस्त को हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में हुआ, जिसके बाद यह खबर चर्चा का विषय बन गई। यह तकनीक भारत में पर्सनल एरियल मोबिलिटी यानी व्यक्तिगत हवाई सफर की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
HAPIDA SKYNeX की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है। इसमें किसी तरह के ईंधन का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए न तो इसमें धुआं निकलता है और न ही यह प्रदूषण फैलाती है। यह ड्रोन तकनीक से प्रेरित है। इसका मुख्य उद्देश्य पहाड़ी इलाकों में सफर को आसान बनाना है। रवि का दावा है कि जिस 40 किलोमीटर के रास्ते को तय करने में सड़क मार्ग से 90 मिनट का समय लगता है, उसे यह फ्लाइंग कार मात्र 10 से 15 मिनट में पूरा कर सकती है। इस कार का डिजाइन और असेंबली खुद रवि ने की है, हालांकि कुछ पार्ट्स चीन से और इंजन तमिलनाडु से मंगाए गए हैं।
इस कामयाबी के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने रवि टम्टा को बधाई दी है। हालांकि, अभी यह एक शुरुआती प्रोटोटाइप है। इसे आम लोगों के लिए सड़क या आसमान पर उतारने से पहले अभी कई कड़े सुरक्षा परीक्षणों और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की मंजूरी की जरूरत होगी। रवि अब इसका पेटेंट कराने और DGCA के साथ मिलकर सुरक्षा मानक तय करने की दिशा में काम कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि उत्तराखंड का पहाड़ी इलाका ऐसी उड़ने वाली गाड़ियों के लिए सबसे बेहतरीन जगह है, जो भविष्य में दूर-दराज के गांवों, आपदा राहत और पर्यटन के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
| Specification (विशेषता) | Details (विवरण) |
|---|---|
| Vehicle Name | HAPIDA SKYNeX |
| Type | Electric Flying Car (Prototype) |
| Capacity | Single-Seater |
| Fuel Type | Electric (Zero Emission) |
| Developer | Ravi Tamta (Almora, Uttarakhand) |




