मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पुरानी कारों को सस्ते दामों में खरीदने का सपना छह लोगों के लिए एक बड़ा सबक बन गया है। ब्यावरा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में ठगों ने कार दिलाने का झांसा देकर 32 लाख 50 हजार रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।
मामले की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को हुई, जब गांव कांचरी निवासी लाखनसिंह ने दिनेश शर्मा के माध्यम से तीन लोगों, ईश्वरसिंह, राजेंद्र बत्रा और यशवंत जाट से मुलाकात की। ये तीनों आरोपी खुद को पुरानी कारों का बड़ा व्यापारी बताते थे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे उन्हें बाजार भाव से काफी कम कीमत में गाड़ियां उपलब्ध करा देंगे। उनकी मीठी बातों और भरोसे में आकर गांव के छह लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई उन पर लुटा दी।
शिकायत के मुताबिक, विष्णु सोलंकी ने दो लाख, ललित सोलंकी ने चार लाख, लखन सोलंकी ने तीन लाख और लाखनसिंह ने साढ़े चार लाख रुपये आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इसके अलावा, बनेसिंह और दिनेश शर्मा ने मिलकर 20 लाख रुपये नकद एक ढाबे पर राजेंद्र बत्रा को सौंपे। इस तरह कुल 32 लाख 50 हजार रुपये का लेन-देन हुआ।
रुपये लेने के बाद ठगों ने खेल शुरू कर दिया। वे लगातार एक-दो दिन में गाड़ियां देने का वादा करते रहे। पीड़ित कई दिनों तक तय जगह पर उनका इंतजार करते रहे, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख देकर टरका दिया गया। कुछ दिन बीतने के बाद जब आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए, तो पीड़ितों को समझ आया कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
ठगी का अहसास होते ही पीड़ित थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है और उनकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।




