भारत में पेट्रोल की दुनिया तेज़ी से बदल रही है। अब पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर उसे ईधन के तौर पर इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है। इसी बदलाव के बीच ‘E20’ शब्द चर्चा का विषय बना हुआ है। आज के समय में हर आम खरीदार अपनी नई कार या बाइक खरीदने से पहले यह ज़रूर देख रहा है कि क्या उसका वाहन E20 पेट्रोल के साथ चलने में सक्षम है या नहीं।
आसान भाषा में कहें तो E20 का मतलब है कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि देश में प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए E20 ईंधन को पूरी तरह से लागू किया जाए। यही कारण है कि अब कार कंपनियां भी अपने नए मॉडल्स को इसी तकनीक के हिसाब से तैयार कर रही हैं।
अगर आप नई गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना ज़रूरी है कि फरवरी-मार्च 2023 से बनने वाली लगभग सभी कारों को E20 पेट्रोल के अनुकूल बनाया गया है। यानी इन गाड़ियों के इंजन में 20 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल का इस्तेमाल करने पर कोई तकनीकी समस्या नहीं आएगी। कई दिग्गज कार कंपनियों ने तो फरवरी 2023 से काफी पहले ही अपने कई मॉडल्स को E20 के अनुकूल बनाना शुरू कर दिया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में E20 अनुकूलता (Compatibility) किसी भी कार की गुणवत्ता जांचने का सबसे बड़ा पैमाना बन गई है। बाजार में मौजूद अन्य विकल्पों जैसे E50 या E85 की तुलना में अभी मुख्य फोकस E20 पर ही है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारतीय सड़कों पर चलने वाली अधिकांश गाड़ियां इसी स्तर के ईंधन के लिए तैयार की जा रही हैं।
अगर आपके पास पुरानी गाड़ी है, तो बेहतर होगा कि आप अपनी कार के मैनुअल को चेक करें या कंपनी के सर्विस सेंटर से संपर्क करें। वहां से आपको सटीक जानकारी मिल जाएगी कि आपकी गाड़ी E20 पेट्रोल के साथ सुरक्षित है या नहीं। नई गाड़ियों के मामले में, अब कंपनियां खुद ही कार पर E20 का स्टीकर या मार्क लगा कर दे रही हैं, जिससे ग्राहकों को पहचानने में आसानी होती है। इस बदलाव से न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि आने वाले समय में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर भी लगाम लगाने में मदद मिलेगी।




