भारत सरकार ने पेट्रोल को लेकर एक बड़ा और स्पष्ट फैसला लिया है। अब देश में E20 पेट्रोल यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिले हुए पेट्रोल की बिक्री जारी रहेगी। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि पुराने सादे पेट्रोल या E10 (10 फीसदी इथेनॉल) पर वापस जाने की कोई संभावना नहीं है। कई वाहन मालिकों की ओर से ईंधन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आ रही थीं, लेकिन सरकार ने अपने फैसले को बदलने से इनकार कर दिया है।
सरकार का कहना है कि इथेनॉल उत्पादन और इसके इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने में पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने पिछले कुछ सालों में करीब एक लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है। इसमें इथेनॉल प्लांट, डिस्टिलरी, स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स का पूरा नेटवर्क शामिल है। इतनी बड़ी इन्वेस्टमेंट के बाद इस पॉलिसी को वापस लेना सरकार के लिए अब मुमकिन नहीं है।
ईंधन की माइलेज को लेकर सरकार ने माना है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से गाड़ी की माइलेज में 5 फीसदी तक की हल्की गिरावट आ सकती है। हालांकि, सरकार ने इंजन खराब होने वाले दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार का दावा है कि E20 पेट्रोल से इंजन की परफॉरमेंस और पिकअप में सुधार आता है। वहीं बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों के कारण फिलहाल पेट्रोल की कीमतों में कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
| Specification | Details |
|---|---|
| Fuel Type | E20 (20% Ethanol Blend) |
| Mileage Impact | Up to 5% reduction |
| Investment | Approx ₹1 Lakh Crore |
| Performance Claim | Improved pickup and engine performance |




