टोयोटा की पॉपुलर कार इनोवा हाइक्रॉस इन दिनों विवादों में घिरी हुई है। एक मशहूर यूट्यूबर मनोज कश्यप ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती सुनाई है, जिससे कार मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। मनोज का कहना है कि उनकी इनोवा हाइक्रॉस महज 12,000 किलोमीटर चलने के बाद ही खराब हो गई, जबकि कंपनी इसे E20 फ्यूल यानी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए पूरी तरह सक्षम बताती है।
यूट्यूबर का आरोप है कि जब उन्होंने इस खराबी के लिए टोयोटा से वारंटी के तहत मदद मांगी, तो कंपनी ने साफ इनकार कर दिया। यह मामला अब बड़े बहस का मुद्दा बन गया है क्योंकि भारत सरकार लगातार इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को बढ़ावा दे रही है और कंपनियां भी अपनी गाड़ियों को E20 सपोर्ट के साथ बेच रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर नई तकनीक वाली गाड़ियों में कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो क्या कंपनियां अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ सकती हैं?
इस घटना ने उन लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने वाले हैं। अक्सर लोग यह सोचकर बेफिक्र रहते हैं कि गाड़ी इथेनॉल के लिए बनी है, तो इंजन को कुछ नहीं होगा, लेकिन इस वाकये ने भरोसे पर सवाल खड़ा कर दिया है। अभी तक टोयोटा की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्ट सफाई नहीं आई है, लेकिन ग्राहकों का कहना है कि अगर कार E20 के लिए बनी है, तो कंपनी को खराबी आने पर वारंटी का लाभ देना ही चाहिए।
फिलहाल, देश में इथेनॉल वाले ईंधन का चलन बढ़ रहा है, लेकिन इस तरह की घटनाओं ने कंपनियों की जवाबदेही पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह है कि क्या भविष्य में सरकार इथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को लेकर कोई सख्त गाइडलाइंस बनाएगी ताकि ग्राहकों को परेशान न होना पड़े। तब तक के लिए, हर गाड़ी मालिक यही चाहता है कि उन्हें उनकी गाड़ी की वारंटी का पूरा हक मिले और तकनीकी खराबी के समय कंपनी उनका साथ दे।
| Vehicle Name | Fuel Compatibility | Reported Issue |
|---|---|---|
| Toyota Innova Hycross | E20 Ethanol Blended | Engine/Mechanical Failure |




